‹ मंत्र उपाय
विघ्न-बाधा निवारक (१)
उदधि अगन अरि विष तणो सकल विघ्न परिहारी हो सत्यशील प्रभावे जिन कह्यो दशमां अंग मझारी हो तिमज भजन तंत सारी हो परम मंत्र समधारी हो अ, भी, रा, शि, को उदारी हो
- १ माला
- अग्नि, जल और विष से रक्षा होती है