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‹ मंत्र उपाय
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विघ्‍न निवारक (६)

मंत्र

ॐ ह्रीं श्रीं अर्हं नमिऊण पास विसहर वसह जिण फुलिंग ह्रीं श्रीं अर्हं नमः

मंत्र संख्या
प्रतिदिन १ माला
प्रयोग विधि
इसकी साधना पौष वदी १० से प्रारंभ करें । पद्मासन में बैठकर, पूर्वोत्तर दिशा में जप करें । २७ दिन तक उपसर्गहर स्तोत्र का २७ बार पाठ करें । २७ दिन तक यह क्रम चालू रखें
परिणाम
विघ्‍नों का निवारण होता है