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‹ मंत्र उपाय
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व्यन्तर दोष निवारक

मंत्र

मन्ये वरं हरिहरादय एव दृष्टा दृष्टेषु येषु हृदयं त्वयि तोषमेति किं वीक्षितेन भवता भुवि येन नान्यः कश्‍चिन्मनो हरति नाथ ! भवान्तरेऽपि

मंत्र संख्या
प्रतिदिन १ माला
प्रयोग विधि
१०८ दिन तक निरन्तर जप करें
परिणाम
व्यन्तरकृत दोष का निवारण होता है । लोग वश में होते हैं