‹ मंत्र उपाय
भूत-प्रेत निवारक
स्त्रीणां शतानि शतशो जनयंति पुत्रान् नान्या सुतं त्वदुपमं जननी प्रसूता सर्वा दिशो दधति भानि सहस्ररश्मिं प्राच्येव दिग् जनयति स्फुरदंशुजालम्
- प्रतिदिन १ माला
- व्यन्तरकृत दोष दूर होता है । शरीर में प्रविष्ट भूत, प्रेत, डाकिनी, शाकिनी आदि निकल कर भाग जाते हैं