‹ मंत्र उपाय
बंधनमुक्ति (१)
आपाद-कण्ठमुरुशृंखल-वेष्टितांगा गाढं बृहन्निगडकोटि-निघृष्टजंघाः त्वन्नाममन्त्रमनिशं मनुजाः स्मरन्तः सद्यः स्वयं विगतबन्धभया भवन्ति
- प्रतिदिन १ माला
- कारावास में एकासनपूर्वक मंत्र का जप करें
- जेल से जल्दी छुटकारा मिलता है