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‹ मंत्र उपाय
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विवेक का विकास

मंत्र

नित्योदयं दलितमोहमहान्धकारं गम्यं न राहुवदनस्य न वारिदानाम् विभ्राजते तव मुखाब्जमनल्पकान्ति विद्योतयज्जगदपूर्व-शशांकबिम्बम्

मंत्र संख्या
प्रतिदिन १ माला
परिणाम
मन की भ्रांति दूर होती है । शत्रु का स्तम्भन होता है और झगड़ा समाप्त होता है । विवेक का विकास होता है