‹ जैन धर्म परिचय
पर्युषण-साधना
1.प्रातः कालीन प्रवचन—श्रवण
2.आधा घण्टा स्वाध्याय ।
3.आधा घण्टा प्रेक्षाध्यान या जप ।
4.द्रव्यों का परिमाण ।
5.रात्रि भोजन का परित्याग ।
6.ब्रह्मचर्य का पालन ।
7.अणुव्रत साधना ।
8.कम से कम पांच सामायिक ।
9.एक घंटा मौन ।
10.सामूहिक प्रतिक्रमण ।
11.सचित्त का परित्याग ।
12.सिनेमा, नाटक, ताश आदि का परित्याग ।
13.पौषध साधना ।