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जैन धर्म परिचय

साधु की पहचान

1.वे अनगार होते हैं, जिनके कोई घर नहीं होता ।

2.वे पांच महाव्रतों का पालन करते हैं ।

3.वस्त्र—पात्र आदि उपकरण सीमित मात्रा में रखते हैं ।

4.उनके पात्र लकड़ी, मिट्टी, तुम्बा प्लाष्‍टिक आदि के होते हैं ।

5.सामान्यतया किसी वाहन का प्रयोग नहीं करते ।

6.वे स्वावलम्बी होते हैं ।

7.भिक्षावृत्ति उनकी चर्या का मुख्य अंग है ।

8.वे प्रासुक आहार पानी का उपयोग करते हैं ।