‹ मंगल साधना
अनशन विधि
अनशन की पूर्व भूमिका को संलेखना कहते हैं । संलेखना से आत्मा को शुद्ध करने के पश्चात् शारीरिक क्षमता व मनोबल देखकर अनशन किया जाता है । अनशन दो प्रकार का होता है—
1.सागारी (थोड़े काल के लिए)
2.यावज्जीवन (पूर्ण जीवन के लिए)
अनशन की पूर्व भूमिका को संलेखना कहते हैं । संलेखना से आत्मा को शुद्ध करने के पश्चात् शारीरिक क्षमता व मनोबल देखकर अनशन किया जाता है । अनशन दो प्रकार का होता है—
1.सागारी (थोड़े काल के लिए)
2.यावज्जीवन (पूर्ण जीवन के लिए)