‹ प्रेक्षा और अनुप्रेक्षा
ध्यान क्या है ?
किसी एक बिन्दु पर मन को स्थिर करना ।
बाहर से भीतर की ओर लौटना ।
जो छिपा है उसे उद्घाटित करना ।
निर्विचार अन्तर्यात्रा ।
प्रत्येक क्षण अप्रमत्त जागरूक रहना ।
हर घटना में अपनी उपस्थिति का अनुभव करना ।
जो शक्ति और आनन्द से भरता है ।
जो हर परिस्थिति में शान्त और सन्तुलित रहने की क्षमता प्रदान करता है ।