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श्रावक साधना

अणुव्रत के ग्यारह नियम

1.मैं किसी निरपराध प्राणी का संकल्पपूर्वक वध नहीं करूंगा ।

आत्म—हत्या नहीं करूंगा ।

भ्रूण—हत्या नहीं करूंगा ।

2.मैं किसी पर आक्रमण नहीं करूंगा ।

आक्रामक नीति का समर्थन भी नहीं करूंगा ।

विश्‍व—शान्ति तथा निःशस्त्रीकरण के लिए प्रयत्‍न करूंगा ।

3.मैं हिंसात्मक उपद्रवों एवं तोड़—फोड़मूलक प्रवृत्तियों में भाग नहीं लूंगा ।

4.मैं मानवीय एकता में विश्‍वास रचूंगा ।

जाति, रंग आदि के आधार पर किसी को ऊंच—नीच नहीं मानूंगा ।

अस्पृश्य नहीं मानूंगा ।।

5.मैं धार्मिक सहिष्णुता का भाव रखूंगा ।

6.मैं व्यवसाय और व्यवहार में प्रामाणिक रहूंगा ।

मैं अपने लाभ के लिए दूसरे को हानि नहीं पहुंचाऊंगा ।

छलनापूर्ण व्यवहार नहीं करूंगा ।

7.मैं ब्रह्मचर्य की साधना और संग्रह की सीमा निर्धारण करूंगा ।

8.मैं चुनाव के सम्बन्ध में अनैतिक आचरण नहीं करूंगा ।

9.मैं सामाजिक कुरूढ़ियों को प्रश्रय नहीं दूंगा ।

10.मैं व्यसन—मुक्त जीवन जीऊंगा ।

मादक तथा नशीले पदार्थों—जैसे शराब, गांजा, चरस, हेरोईन, भांग, तम्बाकू आदि का सेवन नहीं करूंगा ।

11.मैं पर्यावरण की समस्या के प्रति जागरूक रहूंगा ।

हरे भरे वृक्ष नहीं काटूंगा ।

पानी का अपव्यय नहीं करूंगा ।