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श्रावक साधना

श्रावक के चार विश्राम

चार विश्राम

जैसे भारवाहक के चार विश्राम हैं—

1.गठरी को बायें से दायें कन्धे पर रखना ।

2.देह—चिन्ता से निवृत्त होने के लिए उसे नीचे रखना ।

3.सार्वजनिक स्थान में विश्राम करना ।

4.स्थान पर पहुंचकर उसे उतार देना ।

वैसे ही श्रावक के चार विश्राम हैं—

1.शीलव्रत, गुणव्रत तथा उपवास ग्रहण करना ।

2.सामायिक तथा देशावकाशिक व्रत लेना ।

3.अष्‍टमी, चतुर्दशी, अमावस्या और पूर्णिमा को प्रतिपूर्ण पौषध करना ।

4.अन्तिम मारणान्तिक—संलेखना व्रत लेना ।