1717th Tirthankar
भगवान कुंथुनाथ
Kunthunath
बकरा
स्वर्ण
Family & Sangha
- सूर (शूरसेन)
- चौथे देवलोक माहेन्द्र में
- श्री (श्रीदेवी)
- चौथे देवलोक माहेन्द्र में
- हस्तिनापुर
- इक्ष्वाकुवंश
- गन्धर्व
- बला (अच्युता)
- 35
- तिलक
Dates of the life
- बैशाख कृ. 14
- कृत्तिका
- बैशाख कृ. 5
- 1000
- चैत्र शु. 3
- सोलह वर्ष
Emblem, body and lifespan
- छाग (बकरा)
- 35 धनुष
- 23750 वर्ष
- 95000 वर्ष
Nirvana place
सम्मेद शिखर
- बैशाख कृ. 1
- 1,000
Stuti
ॐ ह्रीं श्री कुन्थुनाथाय नमः ।
प्रभु को समरण कर नीको रे । कुन्थु जिनेश्वर करुणा-सागर, त्रिभुवन सिर टीको रे । प्रभु को समरण कर नीको रे ।। १ ।।
Read full Chaubisi (7 verses) ›