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‹ Twenty-four Tirthankars
1313th Tirthankar

भगवान विमलनाथ

Vimalnath

Chinh (emblem)शूकर
Varna (complexion)स्वर्ण

Family & Sangha

Father
कृतवर्मा
Mother
श्यामा (सुरम्या)
Birthplace
कम्पिलपुर (काम्पिल्य)
Lineage
इक्ष्वाकुवंश
Yaksha
षण्मुख (कुमार)
Yakshini
विदिता (विजया)
Ganadhara
57
Chaitya tree
जम्बू

Nirvana place

सम्मेद शिखर

By tradition, विमलनाथ attained nirvana here.

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Stuti

Naam-mantra

ॐ ह्रीं श्री विमलनाथाय नमः ।

साहिब ! शरण तिहारै हो, शरण तिहारै, शरण तिहारै, शरण तिहारै हो । विमल प्रभु ! सेवक नीं अरदास, आयो शरण तिहारै हो । विमल करण प्रभु विमलनाथजी, विमल आप वर रीत । विमल ध्यान धरतां हुवै निर्मल, उन मन लागी प्रीत ।। १ ।।

विमल बनाने वाले विमल प्रभो ! तुम सचमुच ! विमल हो । विमल का ध्यान करने वाला निर्मल बन जाता है । तुम्हारे प्रति मेरा शरीर और मन दोनों प्रीति से सराबोर हो गये ।

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Source — Kalpasutra · Trishashti-shalaka-purusha-charitra (Shvetambara tradition)