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अजब तेरी कारीगरी रे करतार

भजन कर प्यारे मिलेगा शिव धाम,

Bhajan Kar Pyare Milega Shiv Dham,

अजब तेरी कारीगरी रे करतार

गीत क्रमांक484

भजन कर प्यारे मिलेगा शिव धाम, — Lyrics

भजन कर प्यारे मिलेगा शिव धाम, और जगत के नाते झूठे सच्चा है प्रभु नाम।।

सोया कब से मोह नींद में देख रहा क्या सपना, मतलब की है प्रीत यहां पर कोई भी नहीं अपना, सुख में हैं सब साथ निभाते, दु:ख में मुख भी नहीं— दिखलाते, क्यो तूं भूल गया है राम।।

छोटे से इस जीवन में क्यों पाप कमाता भारी, एक दिवस मुरझा जायेगी यह सुन्दर फुलवारी, चंचल मन घोड़े को मोड़ो, प्रभुवर से इकतारी जोड़ो, जग के चलते रहेंगे काम।।

नौका है प्रभु नाम पार भव सागर से ले जाये, रोरव पूर्ण जिन्दगानी को फिर से स्वर्ग बनाए, यह सुमिरन महा सुखकारी, होता हर पल मंगलकारी, मिटते संकट 'विजय' तमाम।।

Roman Transliteration

Bhajan kar pyare milega shiv dham, aur jagat ke nate jhuthe sachcha hai Prabhu nam..

soya kab se moh nind men dekh raha kya sapna, matalab ki hai prit yahan par koi bhi nahin apana, sukh men hain sab sath nibhate, du:kh men mukh bhi nahin— dikhlate, kyo tun bhul gaya hai ram..

chhote se is jivan men kyon pap kamata bhari, ek divas murjha jayegi yah sundar phulvari, chanchal man ghode ko modo, prabhuvar se ikatari jodo, jag ke chalte rahenge kam..

nauka hai Prabhu nam par bhav sagar se le jaye, rorav purna jindagani ko phir se svarga banae, yah sumiran maha sukhkari, hota har pal mangalkari, mitte sankat 'vijay' tamam..

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