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काजळियो

गण नन्दनवन पा हरसावां

Gan Nandanavan Pa Harsavan

साध्वी यशोधरा जी · काजळियो

गीत क्रमांक2959

गण नन्दनवन पा हरसावां — Lyrics

गण नन्दनवन पा हरसावां, पय-मिश्री ज्यूं म्हें घुल ज्यावां। उजळी-उजळी गण री तस्वीर है।।

भिक्षु-भिक्षु है मंगलकारी नाम हो, भिक्षु-भिक्षु जपां म्है आठूं याम हो, होऽऽऽ म्हांरै रग-रग में रमगी, इण नाम री सुवास हो, रोग-शोक सारा मिट ज्यावै, भूत-प्रेत भी शीष झुकावै, भव-भयहारी है, नाम भिक्षु स्वाम रो।।

थांरै तप स्यूं बणी है माटी चन्दन हो, थांरै चरणां में करां सौ-सौ वन्दन हो, होऽऽऽ थांरै संघ-री फुलवारी, म्हानै लागै मोहनगारी हो, रंग-बिरंगा फूल खिलावै, संघ सितारा झिल-मिलावै, तूफानां में भी नहीं बुझे ओ दीप हो।।

संघर्षा स्यूं थे जूझ्या बड़वीर हो, सह्या कष्टां नै बणकर धीर हो, होऽऽऽ बाबै बजरंगी री, जग में महिमां भारी हो, कण-कण में जागे नवचिंतन, लोहपुरुष थांरो अभिनन्दन, मानस मंदिर में जलै थांरी जोत हो।।

  1. 1.Gan Nandanvan Pa Harsava
  2. 2.यह भजन “गण नन्दनवन पा हरसावां” साध्वी यशोधरा जी द्वारा रचित एक अत्यंत भावपूर्ण और भक्ति से भरा हुआ स्तवन है। इसमें आचार्य भिक्षु के पावन नाम की महिमा, उनके तप, त्याग और संघ निर्माण की गौरवगाथा को सरल शब्दों में व्यक्त किया गया है। भजन में भक्त का अपने गुरु के प्रति गहरा प्रेम, श्रद्धा और समर्पण झलकता है।

Roman Transliteration

gan nandanavan pa harsavan, pay-mishri jyun mhen ghul jyavan. ujali-ujali gan ri tasvir hai..

Bhikshu-Bhikshu hai mangalkari nam ho, Bhikshu-Bhikshu japan mhai athun yam ho, ho mhanrai rag-rag men ramgi, in nam ri suvas ho, rog-shok sara mit jyavai, bhut-pret bhi shish jhukavai, bhav-bhayhari hai, nam Bhikshu svam ro..

thanrai tap syun bani hai mati chandan ho, thanrai charnan men karan sau-sau vandan ho, ho thanrai Sangh-ri phulvari, mhanai lagai mohangari ho, rang-birnga phul khilavai, Sangh sitara jhil-milavai, tuphanan men bhi nahin bujhe o dip ho..

sangharsha syun the jujhya badvir ho, sahya kashtan nai banakar dhir ho, ho babai bajarngi ri, jag men mahiman bhari ho, kan-kan men jage navchintan, lohpurush thanro abhinandan, manas mandir men jalai thanri jot ho..

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