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दिल दीवाना

करो तपस्या मिटे समस्या सुनलो रे

Karo Tapasya Mite Samasya Sunlo Re

दिल दीवाना

गीत क्रमांक2984

करो तपस्या मिटे समस्या सुनलो रे — Lyrics

करो तपस्या, मिटे समस्या, सुनलो रे, भवजल तरणी, निर्मल करणी, करलो रे, ऐसा अवसर, मिले न फिर, संभलो रे।।

तन धन यौवन चंचल माया, ज्यों बादल की छाया, दुनियादारी झूठी यारी, क्यों मन को भरमाया। मन समझाना, धर्म खजाना, भर लो रे।।

तप जप करते यौवन बीते, तो हम धन्य बनेंगे, तन की मन की ममता छूटे, आवागमन मिटेंगे, ज्ञान ध्यान कर, ये भव सागर, तरलो रे।।

सुख दुःख अपना ही है, मूल बात को समझो, और सभी निमित मात्र है, भ्रान्ति में न उलझो। ‘संजय’ ज्योति, सदगुण मोती, चुनलो रे।।

  1. 1.Karo Tapasya Mite Samasya Sunlo Re
  2. 2.यह भजन तपस्या, धर्म और आत्मचिंतन का संदेश देता है। इसमें जीवन की चंचलता, माया और दुनियादारी के मोह को समझने की बात कही गई है। तप और जप से मन को शुद्ध करने, ममता छोड़ने और ज्ञान-ध्यान द्वारा जीवन सफल बनाने की प्रेरणा मिलती है। यह भजन हमें अवसर पहचानकर धर्म के मार्ग पर चलने और आत्मकल्याण की ओर बढ़ने की सीख देता है।

Roman Transliteration

karo tapasya, mite samasya, sunlo re, bhavajal tarni, nirmal karni, karlo re, aisa avasar, mile n phir, sambhlo re..

tan dhan yauvan chanchal maya, jyon badal ki chhaya, duniyadari jhuthi yari, kyon man ko bharmaya. man samjhana, Dharm khajana, bhar lo re..

tap jap karte yauvan bite, to ham dhanya banenge, tan ki man ki mamta chhute, avagaman mitenge, jnan dhyan kar, ye bhav sagar, tarlo re..

sukh duhkh apana hi hai, mul bat ko samjho, aur sabhi nimit matra hai, bhranti men n ulajho. ‘sanjay’ jyoti, sadgun moti, chunlo re..

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