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तुमसे लागी लगन

मन री वीणा रा तार शासण परवरदिगार

Man Ri Vina Ra Tar Shasan Paravardigar

तुमसे लागी लगन

गीत क्रमांक2994

मन री वीणा रा तार शासण परवरदिगार — Lyrics

मन री वीणा रा तार शासण परवरदिगार, आओ आओ, प्यासी आंख्या री प्यास बुझाओ।।

जाण्यो कुण देव इण विध सिधरसी, पलक झपकता ही, सपना बिखरसी, छोड़ अचानक गया, बिना कुछ ही कहया, क्यूं बताऔ।।

आ ही घड़ी के के खुशी लयाती, जश्ना ने परवान चढाती, जार बस्या हो कठे, कहद्यो यो आर अठे, एकर आऔ।।

धणी बगत स्यू बाट निहारे, आंख्या, गणाधिपती कदे पधारे, रह-रह यादा आवे, नेणां भर-भर जावे, मत तड़पाऔ।।

  1. 1.Mann Ri Veena Ra Taar Shaasan Parvardigar
  2. 2.यह भजन गणाधिपति के प्रति गहरी श्रद्धा और प्रेम को व्यक्त करता है। इसमें भक्त अपने आराध्य के आने की प्रतीक्षा करता है। मन की वीणा के तार भगवान के नाम से जुड़े हैं। भक्त अपनी प्यासी आँखों की प्यास बुझाने के लिए प्रभु को पुकारता है। उनके बिना मन उदास और बेचैन है। यह रचना प्रेम, विश्वास, विरह और प्रभु-मिलन की सुंदर भावना दिखाती है।

Roman Transliteration

man ri vina ra tar shasan paravardigar, ao ao, pyasi ankhya ri pyas bujhao..

janyo kun Dev in vidh sidharsi, palak jhapakta hi, sapna bikharsi, chhod achanak gaya, bina kuchh hi kahya, kyun bataau..

a hi ghadi ke ke khushi layati, jashna ne parvan chadhati, jar basya ho kathe, kahadyo yo ar athe, ekar aau..

dhani bagat syu bat nihare, ankhya, ganadhipti kade padhare, rah-rah yada ave, nenan bhar-bhar jave, mat tadpaau..

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