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तिरिया मिरिया

प्रातः उठकर ध्यान धरूं मैं विमल भावना भाऊं हो

Pratah Uthakar Dhyan Dharun Main Vimal Bhavna Bhaun Ho

साध्वी फूलकुमारीजी (सुजानगढ़) · तिरिया मिरिया

गीत क्रमांक3006

प्रातः उठकर ध्यान धरूं मैं विमल भावना भाऊं हो — Lyrics

प्रातः उठकर ध्यान धरूं मैं, विमल भावना भाऊं हो, चेतन चिन्मय दिवलो जोकर, अन्तर ज्योति पाऊं हो। मन मंदिर में प्रभु विराजै, खोज-खोज मैं हारी हो, एक बार भीतर देखूं तो, पाऊं प्रभुता सारी हो।।

हर क्षण विणसै है आ काया, शाश्वत है आत्मा म्हारी। जागरूक जीवन जीणै स्यूं, मिट ज्यावै दुविधा सारी।।

ऋजुता रो मैं दर्पण लेकर, अपणो रूप निहारूं हो। समता रे झूले में झुलूं, कटुता भाव विसारूं हो।।

राग-द्वेष री ग्रंथि तोडूं, मैत्री भाव विकसाऊं हो। गुणि जन रा गुण गा गाकर, पावन मैं बण ज्याऊं हो।।

सुख-दुःख सारा है देहि में, क्यूं इण स्यूं घबराऊं हो। पाप भीरूता पग-पग राखूं, शुद्ध बुद्ध बण ज्याऊं हो।।

वो दिन ‘फूल’ धन्य हुवैला, वीतरागता पाऊं हो। आनंद घन रो रस पी पीकर, अजर अमर पद पाऊं हो।।

  1. 1.Pratah Uthkar Dhyan Dharu Main Vimal Bhawna Bhau Ho
  2. 2.यह भजन आत्मजागृति, समता और आत्मशुद्धि का सुंदर संदेश देता है। इसमें साध्वी फूलकुमारीजी ने सरल शब्दों में बताया है कि सच्चा प्रभु बाहर नहीं, बल्कि हमारे भीतर विराजमान है। भजन मन को राग-द्वेष छोड़कर मैत्री, ऋजुता और जागरूक जीवन अपनाने की प्रेरणा देता है। आत्मा की शाश्वतता और वीतरागता की भावना इस रचना का मुख्य आधार है।

Roman Transliteration

pratah uthakar dhyan dharun main, vimal bhavna bhaun ho, chetan chinmay divlo jokar, antar jyoti paun ho. man mandir men Prabhu virajai, khoj-khoj main hari ho, ek bar bhitar dekhun to, paun prabhuta sari ho..

har kshan vinsai hai a kaya, shashvat hai atma mhari. jagruk jivan jinai syun, mit jyavai duvidha sari..

rijuta ro main darpan lekar, apano rup niharun ho. samta re jhule men jhulun, katuta bhav visarun ho..

rag-dvesh ri granthi todun, maitri bhav viksaun ho. guni jan ra gun ga gakar, pavan main ban jyaun ho..

sukh-duhkh sara hai dehi men, kyun in syun ghabraun ho. pap bhiruta pag-pag rakhun, shuddha buddha ban jyaun ho..

vo din ‘phul’ dhanya huvaila, vitragata paun ho. anand ghan ro ras pi pikar, ajar amar pad paun ho..

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