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आपणै भागां री

तपस्या री महिमा देखो अपरंपार

Tapasya Ri Mahima Dekho Aparmpar

आपणै भागां री

गीत क्रमांक3046

तपस्या री महिमा देखो अपरंपार — Lyrics

तपस्या री महिमा देखो अपरंपार, करम निरजरा साथ में हुवै, आधि-व्याधि उपचार। लौ लागै अध्यात्म में झट, सिद्ध हुवै साकार। तपस्या री महिमा… बाजीगर ज्यूं मिनख नै अै, करम नचावै नाच, एकमेक सा हो रया से, पत्थर-हीरा-काच। तपस्या री महिमा… मन मुट्ठी में जो करै, बो ही मानव मतिमान, च्यार चांद तप स्यूं लगै, जागै अंतर भगवान। तपस्या री महिमा… तप रो तेजस प्रगटज्या तो, होवै काम कमाल, श्रावक ज्यूं सेवा साजे नित, देव-भूत-बेताल, तपस्या री महिमा… अनहद आतम बळ बढ़ै, विपदा रो चलै न जोर, दहन द्वारका रो रूक्यो, चाल्यो जब तक तप दोर। तपस्या री महिमा… तप रै सागै ध्यान जप स्यूं, ‘मधुकर बढ़े प्रभाव, तन्मय बण अजमाय ल्यो झट, पार उतरसी नाव। तपस्या री महिमा…

  1. 1.Tapasya Ri Mahima Dekho Aparampar
  2. 2.यह रचना तपस्या की महिमा और उसके प्रभाव को ढंग से बताती है। इसमें तप से कर्मों की निर्जरा, मन पर नियंत्रण और आत्मबल बढ़ने की बात कही गई है। तप के साथ ध्यान, जप और अध्यात्म जीवन को सही दिशा देते हैं। रचना समझाती है कि सच्ची तपस्या से कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति मिलती है और आत्मा का विकास होता है।

Roman Transliteration

tapasya ri mahima dekho aparmpar, karam nirajra sath men huvai, adhi-vyadhi upachar. lau lagai adhyatma men jhat, Siddha huvai sakar. tapasya ri mahima… bajigar jyun minakh nai ai, karam nachavai nach, ekamek sa ho raya se, patthar-hira-kach. tapasya ri mahima… man mutthi men jo karai, bo hi manav matiman, chyar chand tap syun lagai, jagai antar bhagvan. tapasya ri mahima… tap ro tejas pragatajya to, hovai kam kamal, shravak jyun seva saje nit, Dev-bhut-betal, tapasya ri mahima… anahad atam bal badhai, vipda ro chalai n jor, dahan dvarka ro rukyo, chalyo jab tak tap dor. tapasya ri mahima… tap rai sagai dhyan jap syun, ‘madhukar badhe prabhav, tanmay ban ajamay lyo jhat, par utarsi nav. tapasya ri mahima…

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