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मेरा जीवन कोरा कगज़

वीर की पावन जयन्ती को मनाये हम

Vir Ki Pavan Jayanti Ko Manaye Ham

मेरा जीवन कोरा कगज़

गीत क्रमांक3058

वीर की पावन जयन्ती को मनाये हम — Lyrics

वीर की पावन जयन्ती को मनाये हम, नाम सुनते ही खुशी से, सिर झुकाए हम।।

सत्य का संदेश जिसने, दिया जन-जन को, कर दिया आसान सचमुच, मानव जीवन को। ज्ञान सूरज बन हटाया, अज्ञता का तम।।

चण्ड-कौशिक को क्षमा का, मंत्र बतलाया, बैर को भी प्रेम से लो, जीत दिखलाया। जिधर देखें, वीर का ही, गूंजता सरगम।।

वीर का ही नाम सबके, दिल को भाता है, जागते सोते यही मन, गुनगुनाता है। विजय आँखों में यही, मूरत बसे हरदम।।

  1. 1.Veer Ki Paavan Jayanti Ko Manaye Hum
  2. 2.यह भजन भगवान महावीर की पावन जयंती के महत्व और उनकी शिक्षाओं की महिमा को सरल शब्दों में बताता है। इसमें बताया गया है कि प्रभु ने सत्य, अहिंसा और क्षमा का मार्ग दिखाकर मानव जीवन को आसान और पवित्र बनाया। उनके ज्ञान से अज्ञान का अंधकार दूर हुआ और हर मन में शांति आई। भजन में उनके करुणामय स्वभाव और प्रेम से बैर जीतने की भावना को सुंदर रूप से प्रस्तुत किया गया है।

Roman Transliteration

vir ki pavan jayanti ko manaye ham, nam sunte hi khushi se, sir jhukae ham..

satya ka sandesh jisne, diya jan-jan ko, kar diya asan sachmuch, manav jivan ko. jnan suraj ban hataya, ajnata ka tam..

chanda-kaushik ko Kshama ka, Mantra batlaya, bair ko bhi prem se lo, jit dikhlaya. jidhar dekhen, vir ka hi, gunjta saragam..

vir ka hi nam sabke, dil ko bhata hai, jagte sote yahi man, gungunata hai. vijay ankhon men yahi, murat base haradam..

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