मुख्य सामग्री पर जाएँ
‹ मंत्र उपाय
169 / 367

चिंताहरण (१)

मंत्र

ॐ नमो चारणाणं जिणाणं ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रौं ह्रः अप्रतिचक्रे फट् विचक्राय स्वाहा ॐ ह्रीं अर्हं अ सि आ उ सा झ्रौं झ्रौं स्वाहा

मंत्र संख्या
प्रतिदिन १ माला
प्रयोग विधि
आनंद केन्द्र पर ध्यान केन्द्रित कर जप का प्रयोग करें
परिणाम
सहेतुक तथा अहेतुक होने वाली चिन्ताओं से मुक्ति