मुख्य सामग्री पर जाएँ
‹ मंत्र उपाय
170 / 367

चिन्ताहरण (२)

मंत्र

ॐ ह्रीं श्रीं भगवते पार्श्‍वनाथाय हर हर स्वाहा

Om hrīm śrīm bhagavate pārśvanāthāya hara hara svāhā

समस्या
निरंतर चिन्ता, मानसिक अशांति ।
मंत्र संख्या
प्रतिदिन १ माला ।
फल
चिन्तामुक्ति ।

सुनें

स्रोत: मंत्र — एक समाधान