‹ मंत्र उपाय
अग्निशामक
ॐ णमो ॐ अर्हं अ सि आ उ सा णमो अरहंताणं नमः
- १ माला
- पात्र में शुद्ध जल लेकर उसमें से एक चुल्लु जल को उपर्युक्त मंत्र से अभिमन्त्रित कर एक रेखा खींच दें । अग्नि उस रेखा से आगे नहीं बढ़ेगी । ऐसे ही शेष दिशाओं में रेखाएं खींचें । अंत में पात्र के जल को १०८ बार अभिमंत्रित कर अग्नि पर छींटे देने से अग्नि शांत हो जाएगी
- अग्नि शांत होती है । शारीरिक जलन शांत होती है