‹ मंत्र उपाय
दारिद्रय-ताप-निवारण
विघ्न मिटै अरियण हटै प्रगटै सुख भारी हो दलरूप दोहग द्रारिद्र दटै नाम रटै नर नारी हो
- प्रतिदिन १ माला
- दरिद्रता का ताप दूर होता है और शत्रु से सुरक्षा होती है