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आचार्य तुलसी
9 / 11 · आचार्य

आचार्य तुलसी

1936-1996

जीवन-वृत्त

आचार्य-काल
1936–1996

जीवन-झांकी

जन्म
लाडनूं, कार्तिक शु. 2 (20-10-1914)सं. 1971
पिता
झूमरमलजी खटेड़
माता
वदनाजी
दीक्षा
लाडनूं (राजस्थान), पौष कृष्णा 5सं. 1982
युवाचार्य पद
गंगापुर (राजस्थान), भाद्रपद शु. 3सं. 1993
आचार्य पद
गंगापुर (राजस्थान), भाद्रपद शु. 9सं. 1993
युगप्रधान पद
बीदासर (राजस्थान), माघ शुक्ला 7सं. 2027
षष्टिपूर्ति समारोह
दिल्लीसं. 2031
दीक्षा-कल्याणक समारोह
लाडनूं (राजस्थान), पौष कृष्णा 5 — मुनि जीवन के 50 वर्षसं. 2032
अमृत महोत्सव
आमेट (राजस्थान) — धर्मशासना के 50 वर्षसं. 2042
भारत ज्योति
उदयपुर (राजस्थान), माघ शुक्ला पंचमी — राजस्थान विद्यापीठ कुल का सर्वोच्च अलंकरणसं. 2042
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय एकता पुरस्कार
दिल्लीसं. 2050
गणाधिपति उपाधि
सुजानगढ़ (राज.), माघ शुक्ला 7सं. 2050
देवलोकगमन
गंगाशहर (राज.), आषाढ़ कृ. 3 (23-6-1997)सं. 2054

चातुर्मास · 60

  1. 1994 · 1937Bikaner
  2. 1995 · 1938Sardarsahar
  3. 1996 · 1939Bidasar
  4. 1997 · 1940Ladnun
  5. 1998 · 1941Rajaldesar
  6. 1999 · 1942Churu
  7. 2000 · 1943Gangasahar
  8. 2001 · 1944Sujangarh
  9. 2002 · 1945Sridungargarh
  10. 2003 · 1946Rajgarh
  11. 2004 · 1947Ratangarh
  12. 2005 · 1948Chhapar
  13. 2006 · 1949Jaipur
  14. 2007 · 1950Hansi (Haryana)
  15. 2008 · 1951Delhi
  16. 2009 · 1952Sardarsahar
  17. 2010 · 1953Jodhpur
  18. 2011 · 1954Mumbai (Maharashtra)
  19. 2012 · 1955Ujjain (Madhya Pradesh)
  20. 2013 · 1956Sardarsahar
  21. 2014 · 1957Sujangarh
  22. 2015 · 1958Kanpur (Uttar Pradesh)
  23. 2016 · 1959Calcutta (West Bengal)
  24. 2017 · 1960Rajnagar
  25. 2018 · 1961Bidasar
  26. 2019 · 1962Udaipur
  27. 2020 · 1963Ladnun
  28. 2021 · 1964Bikaner
  29. 2022 · 1965New Delhi
  30. 2023 · 1966Bidasar
  31. 2024 · 1967Ahmedabad (Gujarat)
  32. 2025 · 1968Madras
  33. 2026 · 1969Bangalore (Karnataka)
  34. 2027 · 1970Raipur (Madhya Pradesh)
  35. 2028 · 1971Ladnun
  36. 2029 · 1972Churu
  37. 2030 · 1973Hissar (Haryana)
  38. 2031 · 1974New Delhi
  39. 2032 · 1975Jaipur
  40. 2033 · 1976Sardarsahar
  41. 2034 · 1977Ladnun
  42. 2035 · 1978Gangasahar
  43. 2036 · 1979Ludhiana (Punjab)
  44. 2037 · 1980Ladnun
  45. 2038 · 1981New Delhi
  46. 2039 · 1982Ranawas
  47. 2040 · 1983Balotra
  48. 2041 · 1984Jodhpur
  49. 2042 · 1985Amet
  50. 2043 · 1986Ladnun
  51. 2044 · 1987Delhi
  52. 2045 · 1988Sridungargarh
  53. 2046 · 1989Ladnun
  54. 2047 · 1990Pali
  55. 2048 · 1991Ladnun
  56. 2049 · 1992Ladnun
  57. 2050 · 1993Rajaldesar
  58. 2051 · 1994Maharoli (Delhi)
  59. 2052 · 1995Ladnun
  60. 2053 · 1996Ladnun

तीर्थ स्थल

  • जन्म स्थललाडनूं दूसरी पट्टी, नागौर · राजस्थान
  • शांति प्रतिष्ठाननोखा रोड, गंगाशहर, बीकानेर · राजस्थान

आचार्य तुलसी की चौरासी वर्ष और बासठ हजार मील की पदयात्रा 23 जून 1997 को पूर्ण हुई। उनका जन्म विक्रम संवत् 1971 में लाडनूँ (राजस्थान) में हुआ। संवत् 1982 में उन्होंने दीक्षा ली और संवत् 1993 में तेरापंथ के आचार्य पद पर प्रतिष्ठित हुए।

उनके हाथों 776 से अधिक साधु-साध्वियों ने दीक्षा ली। वे सिद्धहस्त कवि, सौ से अधिक पुस्तकों के लेखक और विशिष्ट धर्मनेता थे। संवत् 2005 में उन्होंने अणुव्रत आन्दोलन का प्रवर्तन किया।

साम्प्रदायिक भेदों से ऊपर उठकर वे जैन एकता के प्रबल समर्थक रहे; उनका सन्देश केवल जैनों के लिए नहीं, समस्त मानवता के लिए था। संवत् 2037 में उन्होंने 'समण-समणी' नाम की नई श्रेणी का सृजन किया, जिन्हें विदेश यात्रा की अनुमति है। डॉ.

राधाकृष्णन ने अपनी पुस्तक 'लिविंग विद् पर्पज़' में उन्हें विश्व के पन्द्रह महापुरुषों में स्थान दिया। 1971 में राष्ट्रपति वी. वी.

गिरि की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में उन्हें 'युग-प्रधान' की उपाधि प्रदान की गई। अपने आचार्यकाल में उन्हें मुनि नथमल का — जो आगे चलकर 'युवाचार्य महाप्रज्ञ' कहलाए — अत्यन्त सहयोग मिला। साठ वर्षों तक चला उनका गुरु-शिष्य सम्बन्ध भारतीय परम्परा का उत्कृष्ट उदाहरण है।

1995 में उन्होंने आचार्य पद महाप्रज्ञ को सौंप दिया। 23 जून 1997 को गंगाशहर (राजस्थान) में उनका देवलोकगमन हुआ।