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सुण सुण रे

आखिर तो जाणो पड़सी – मत कर रे तूं मोह जगत स्यूं

Akhir To Jano Padsi – Mat Kar Re Tun Moh Jagat Syun

साध्वी राजीमतीजी · सुण सुण रे

Record no.2927

आखिर तो जाणो पड़सी – मत कर रे तूं मोह जगत स्यूं — Lyrics

मत कर रे, मत कर रे, मत कर रे तूं मोह जगत स्यूं, आखिर तो जाणो पड़सी।।

सुख स्यूं जीणो, सुख स्यूं मरणो, अरिहन्तां रो साचो शरणो। बेटा पोता के करसी, आखिर तो जाणो पड़सी।।

चार दिनां री चमक चान्दणी, पीढ्यां री के आस बांधणी। खुद री करणी खुद भरसी, आखिर तो जाणो पड़सी।।

जड़ चेतन रो भेद समझलै, तन रो नश्वर रूप देखलै। चाल्यां स्यूं मंजिल मिलसी, आखिर तो जाणो पड़सी ।।

कसरत कर काया चमकाई, माखण दूध मलाई खाई। कुण जाण्यो अरथी बणसी, आखिर तो जाणो पड़सी।।

क्रोड़ कमाया, क्रोड़ गमाया, लाखां ऊपर रोब जमाया। अंत बराबर सब होसी, आखिर तो जाणो पड़सी।।

चेत-चेत अब चेत चेतना, अब तक भोगी किती वेदना। प्रभु भजन स्यूं दुःख मिटसी, आखिर तो जाणो पड़सी।।

  1. 1.Aakhir To Jaano Padsi – Mat Kar Re Tu Moh Jagat Syu
  2. 2.यह भजन जीवन की नश्वरता और संसार के मोह से बचने का गहरा संदेश देता है। साध्वी राजीमतीजी ने सरल शब्दों में समझाया है कि धन, परिवार, शरीर और प्रतिष्ठा सब यहीं रह जाते हैं। मनुष्य को अपने कर्मों की जिम्मेदारी स्वयं उठानी पड़ती है। इसलिए प्रभु भक्ति, आत्मजागृति और सही मार्ग पर चलकर जीवन को सार्थक बनाना ही सच्ची बुद्धिमानी है।

Roman Transliteration

mat kar re, mat kar re, mat kar re tun moh jagat syun, akhir to jano padsi..

sukh syun jino, sukh syun marno, arihantan ro sacho sharno. beta pota ke karsi, akhir to jano padsi..

char dinan ri chamak chandani, pidhyan ri ke as bandhni. khud ri karni khud bharsi, akhir to jano padsi..

jad chetan ro bhed samajhlai, tan ro nashvar rup dekhlai. chalyan syun manjil milsi, akhir to jano padsi ..

kasarat kar kaya chamkai, makhan dudh malai khai. kun janyo arathi bansi, akhir to jano padsi..

krod kamaya, krod gamaya, lakhan upar rob jamaya. ant barabar sab hosi, akhir to jano padsi..

chet-chet ab chet chetna, ab tak bhogi kiti vedna. Prabhu Bhajan syun duhkh mitsi, akhir to jano padsi..

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