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तुम्हीं मेरे मन्दिर , तुम्हीं मेरी पूजा

सुनो प्यारे प्रभुवर, भाव हृदय के,

Suno Pyare Prabhuvar, Bhav Hriday Ke,

तुम्हीं मेरे मन्दिर , तुम्हीं मेरी पूजा

Record no.2545

सुनो प्यारे प्रभुवर, भाव हृदय के, — Lyrics

सुनो प्यारे प्रभुवर, भाव हृदय के,

मन-मन्दिर में अब तो पधारो। मझधारा में डोल रही है, नैया मेरी पार उतारो।।

बहुत काल मैंने जग में बिताया, जन्म-मरण का अन्त न पाया, परम शान्ति का पथ दिखलादो, दु:खों से तुम नाथ! उबारो।।१।।

देखे हैं मैंने जग के नजारे, बाहर से मीठे, भीतर हैं खारे, आत्मा का आलोक जगाकर, दुविधा दिल की दूर निवारो।।२।।

तुम ही हो साथी, तुम ही सहारे, तुम हो जीवन के उजियारे, मत तड़पाओ देव! मुझे यों, कथन की ज्यों जीवन निखारो।।३।।

बहुतों की तूने पीर मिटायी, भूले हुओं को राह दिखायी, सिर पर मेरे हाथ धरो तुम, जीवन उपवन को तुम! संवारो।।४।।

'विजय मुनि' के राम तुम्हीं हो, अक्षय सुखों के धाम तुम्हीं हो, श्रद्धा भरा है अनुनय मेरा, करुणानजर से नाथ! निहारो।।५।।

Roman Transliteration

suno pyare prabhuvar, bhav hriday ke,

man-mandir men ab to padharo. majhdhara men dol rahi hai, naiya meri par utaro..

bahut kal mainne jag men bitaya, janma-maran ka anta n paya, param shanti ka path dikhlado, du:khon se tum nath! ubaro..1..

dekhe hain mainne jag ke najare, bahar se mithe, bhitar hain khare, atma ka alok jagakar, duvidha dil ki dur nivaro..2..

tum hi ho sathi, tum hi sahare, tum ho jivan ke ujiyare, mat tadpao Dev! mujhe yon, kathan ki jyon jivan nikharo..3..

bahuton ki tune pir mitayi, bhule huon ko rah dikhayi, sir par mere hath dharo tum, jivan upavan ko tum! sanvaro..4..

'vijay Muni' ke Ram tumhin ho, akshay sukhon ke dham tumhin ho, shraddha bhara hai anunay mera, karunanajar se nath! niharo..5..

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