‹ मंत्र उपाय
शांति और सिद्धिदायक (२)
ॐ ह्रीं क्लीं श्रीं अर्हं अ सि आ उ सा नमः
- किसी प्रकार की अशांति का प्रसंग होने पर मंत्र का १०८ बार जप करें
- १. मानसिक तथा पारिवारिक शांति २. इष्टसिद्धि