‹ मंत्र उपाय
क्रोध-उपशमन (३)
ह्रीं ह्रीं ह्रीं क्रोधप्रशमनं ह्रीं ह्रीं क्लीं क्लीं सः सः स्वाहा
- मंत्र को २१ बार पढ़कर वस्त्र के एक कोने में गांठ लगाकर क्रोधित व्यक्ति के पास जाना
- जिसे क्रोध आया था वह शांत हो जाता है