Skip to content
‹ मंत्र उपाय
297 / 367

नेत्र-चिकित्सा (५)

मंत्र

सिंहासने मणिमयूखशिखाविचित्रे विभ्राजते तव वपुः कनकावदातम् बिम्बं वियद्-विलसदंशुलता-वितानं तुंगोदयाद्रिशिरसीव सहस्ररश्मेः

मंत्र संख्या
प्रतिदिन १ माला
प्रयोग विधि
१०८ बार पानी को अभिमंत्रित कर रोगी को पिलाएं
परिणाम
नेत्र-पीड़ा दूर होती है । सर्प आदि का विष उतर जाता है