‹ मंत्र उपाय
उदर-चिकित्सा (३)
ॐ हृीं वृषभादिवीरान्तेभ्यो नमः
- पेटदर्द
- पेटदर्द के समय १०८ बार अथवा १००० बार जप करें
- मंत्र को पेट पर स्थापित करें
- पेट के रोग शांत होते हैं