‹ मंत्र उपाय
उदर-चिकित्सा (४)
अ आ इ ई उ ऊ ऋ ऋृ लृ लृ ए ऐ ओ औ अं अः
- पेटदर्द
- नाभि मंडल पर षोडशदल कमल की कल्पना करें। १६ स्वरों की स्थापना कर उनका जप करें
- पेट के रोग शांत होते हैं