‹ मंत्र उपाय
विषनाशक (५)
ॐ ह्रीं श्रीं अर्हं ह्रीं क्लीं अ सि आ उ सा चुलु चुलु कुलु कुलु हुलु हुलु मुलु मुलु (इच्छियं) में कुरु कुरु स्वाहा
- विष चढ़ना
- २१ बार
- २१ बार मंत्र जप कर पानी को अभिमंत्रित कर रोगी को पिलाना
- मन-चिन्तित वस्तु मिलती है । चढ़ा हुआ विष उतरता है । रोग शांत होता है