Skip to content
‹ मंत्र उपाय
328 / 367

सर्प-विष-निवारक (१)

मंत्र

रक्तेक्षणं समदकोकिल-कण्ठनीलं क्रोधोद्धतं फणिनमुत्फणमापतन्तम् आक्रामति क्रमयुगेन निरस्तशंकस् त्वन्नामनागदमनी हृदि यस्य पुंसः

मंत्र संख्या
२१ बार
प्रयोग विधि
जल को मंत्र से अभिमन्त्रित कर पीना
परिणाम
सर्प का विष उतर जाता है