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‹ Twenty-four Tirthankars
2424th Tirthankar

भगवान महावीर

Mahavir

Chinh (emblem)सिंह
Varna (complexion)स्वर्ण (तप्त-स्वर्ण)

Family & Sangha

Father
सिद्धार्थ
Father's rebirth
बारहवें देवलोक में
Mother
त्रिशला
Mother's rebirth
बारहवें देवलोक में
Birthplace
क्षत्रियकुंड (कुंडग्राम)
Lineage
इक्ष्वाकुवंश
Yaksha
मातंग
Yakshini
सिद्धायिका
Ganadhara
11
Chaitya tree
शाल

The 11 ganadharas

  1. 1श्री इन्द्रभूति
  2. 2श्री अग्निभूति
  3. 3श्री वायुभूति
  4. 4श्री व्यक्त
  5. 5श्री सुधर्मा
  6. 6श्री मंडित
  7. 7श्री मौर्यपुत्र
  8. 8श्री अकम्पित
  9. 9श्री अचलभ्राता
  10. 10श्री मेतार्य
  11. 11श्री प्रभास

Dates of the life

Birth
चैत्र शु. 13
Asterism
हस्तोत्तर (उत्तरा फाल्गुनी)
Initiation
मार्गशीर्ष कृ. 10
Initiated with
एकाकी
Omniscience
बैशाख शु. 10
Chhadmastha span
12 वर्ष 6 मास 15 दिन

Emblem, body and lifespan

Emblem
सिंह
Height
7 हाथ
Ascetic life
42 वर्ष
Lifespan
72 वर्ष

Nirvana place

पावापुरी

Date
कार्तिक कृ. 15
Liberated with
0
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Stuti

Naam-mantra

ॐ ह्रीं श्री महावीराय नमः ।

नहीं इसो दूसरो जगवीर । उपसर्ग सहिवा अडिग जिनवर, सुरगिरि जेम सधीर । चरम जिनेन्द्र चौबीसमा रे, अघ हणवा महावीर । विकट तप वर ध्यान धर प्रभु पाया भव जल तीर ।। १ ।।

प्रभो ! तुम इस युग के चौबीसवें तीर्थंकर हो, अन्तिम तीर्थंकर हो । तुम दोषों का नाश करने के लिए महान् वीर हो । तुमने विकट तप और प्रवर ध्यान कर भव-जल का पार पा लिया ।

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Source — Kalpasutra · Trishashti-shalaka-purusha-charitra (Shvetambara tradition)