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‹ Twenty-four Tirthankars
2323th Tirthankar

भगवान पार्श्वनाथ

Parshvanath

Chinh (emblem)सर्प
Varna (complexion)नील (श्याम)

Family & Sangha

Father
अश्वसेन
Mother
वामा
Birthplace
वाराणसी
Lineage
इक्ष्वाकुवंश
Yaksha
पार्श्व (धरणेन्द्र)
Yakshini
पद्मावती
Ganadhara
10
Chaitya tree
धातकी (धव)

Nirvana place

सम्मेद शिखर

By tradition, पार्श्वनाथ attained nirvana here.

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Stuti

Naam-mantra

ॐ ह्रीं श्री पार्श्वनाथाय नमः ।

पारस देव ! तुम्हारा दर्शन भाग भला सोई पावै हो । भाग भला सोई पावै, हूं वारि जाऊं, जीव मगन हो ज्यावै हो पारस देव ! लोह कंचन करै पारस काचो, ते कहो कर कुण लेवै हो । पारस तू प्रभु साचो पारस, आप समो कर देवै हो ।। १ ।।

लोहे को सोना बनाने वाला पारस नकली है । उसे कौन हाथ में लेगा ? पार्श्‍व प्रभो ! असली पारस तुम हो, जो लोहे को भी पारस बना देते हो ।

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Source — Kalpasutra · Trishashti-shalaka-purusha-charitra (Shvetambara tradition)