77th Tirthankar
भगवान सुपार्श्वनाथ
Suparshvanath
स्वस्तिक
स्वर्ण
Family & Sangha
- प्रतिष्ठ (सुप्रतिष्ठ)
- पृथ्वी
- वाराणसी
- इक्ष्वाकुवंश
- मातंग
- शान्ता
- 95
- शिरीष
Nirvana place
सम्मेद शिखर
View on map ↗Stuti
ॐ ह्रीं श्री सुपार्श्वनाथाय नमः ।
भजियै नित्य स्वामी सुपास ए । सुपास सातमां जिणंद ए, ज्यांनै सेवै सुर नर वृंद ए । सेवक पूरण आश ए, भजियै नित्य स्वामी सुपास ए ।। १ ।।
Read full Chaubisi (7 verses) ›