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दिल के अरमाँ आँसुओं में बह गए

वंदना महावीर लो अभिवंदना

Vandna Mahavir Lo Abhivandna

दिल के अरमाँ आँसुओं में बह गए

गीत क्रमांक3059

वंदना महावीर लो अभिवंदना — Lyrics

वंदना महावीर लो अभिवंदना, भक्ति से पल-पल करें अभ्यर्थना।।

देव! तुमने देन जग को दी नई, रात में भी रोशनी सी हो गई। जग उठी हर चेतना में स्पंदना।।

शांति का संदेश पावन जब दिया, शुद्ध कितने पापियों को है किया। बोलती हर आत्मा में साधना।।

तुमने नारी को दिया अवसर नया। दिल में जागी अलौकिक करूणा दया। सहारा पा तर गई सति चंदना।।

अंहिसा, स्यादवाद के सिद्धान्त से, हो गये आकृष्ट जन उद्‌भ्रान्त से। करें मुनि श्रेयांस नित आराधना।।

  1. 1.Vandana Mahavir Lo Abhivandana
  2. 2.यह भजन भगवान महावीर की वंदना और उनके उपदेशों की महिमा का सरल वर्णन करता है। इसमें बताया गया है कि प्रभु ने संसार को नया मार्ग दिखाया, जिससे अज्ञान का अंधकार दूर हुआ और हर जीव में जागृति आई। अहिंसा, स्यादवाद और करुणा के उनके सिद्धांतों ने लोगों के जीवन को पवित्र और शांत बनाया। भजन में नारी सम्मान और साधना की प्रेरणा भी दी गई है।

Roman Transliteration

vandna Mahavir lo abhivandna, bhakti se pal-pal karen abhyarthana..

Dev! tumne den jag ko di nai, rat men bhi roshni si ho gai. jag uthi har chetna men spandna..

shanti ka sandesh pavan jab diya, shuddha kitne papiyon ko hai kiya. bolti har atma men sadhna..

tumne nari ko diya avasar naya. dil men jagi alaukik karuna daya. sahara pa tar gai sati chandna..

anhisa, syadvad ke siddhanta se, ho gaye akrishta jan udbhranta se. karen Muni shreyans nit aradhna..

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