‹ मंत्र उपाय
रोग-निवारण
ॐ अमृते अमृतोद्भवे अमृतवर्षिणी अमृतं श्रावय श्रावय मम सर्वरोगान् प्लावय प्लावय ठः ठः ठः स्वाहा
Om amrte amṛtodbhave amṛtavarsinī amṛtam śrāvaya śrāvaya mama sarvarogān plāvaya plāvaya thaḥ thaḥ thaḥ svāhā
- २१ बार पानी को मंत्र से अभिमंत्रित कर रोगी को पिलाएं ।
- एकान्तर बुखार और संधिवात जैसे असह्य रोग समाप्त हो जाते हैं ।