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दरभंगा में पच्चक्खाण

दरभंगा, Bihar — सूर्योदय और सूर्यास्त के अनुसार आज के समय।

समय निकाला जा रहा है…

मूल पाठ अभी यहाँ नहीं दिए गए हैं। वे प्रामाणिक तेरापंथ स्रोत से लिए जाने पर ही जोड़े जाएँगे।

दरभंगा की पच्चक्खाण सारणी

उदाहरण — 25 अक्टूबर 2026 के लिए गणना की गई। सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 17:09।

प्रभात

नवकारसी
06:38
पोरिसी
08:40
साढ़ पोरिसी
10:05
पुरिमड्ढ
11:30
अवड्ढ
14:20

सांझ

चौविहार
17:09

समय की गणना सूर्योदय-सूर्यास्त से की गई है। यह प्रचलित श्वेताम्बर विधि पर आधारित है; अपने पंचांग अथवा गुरुजनों से पुष्टि कर लें।

दरभंगा का चौघड़िया और पंचांग भी देखें।

सामान्य प्रश्न

दरभंगा में आज नवकारसी का समय क्या है?
नवकारसी सूर्योदय के लगभग अड़तालीस मिनट बाद आती है, इसलिए वह दरभंगा के अपने सूर्योदय पर निर्भर है और प्रतिदिन थोड़ी बदलती रहती है। समय इस पृष्ठ पर ऊपर दिया गया है।
मुद्रित पंचांग से यह समय भिन्न क्यों है?
सूर्योदय में लगाए जाने वाले क्षितिज-संस्कार में पंचांगों के बीच अंतर होता है, और कुछ परंपराओं में पोरिसी की गणना सूर्योदय से नहीं, प्रथम प्रहर के आरंभ से की जाती है। कुछ मिनटों का अंतर स्वाभाविक है; जिस समाज में जो पंचांग मान्य हो, वही रखना चाहिए।
क्या समय आरंभ हो जाने के बाद पच्चक्खाण लिया जा सकता है?
नहीं। पच्चक्खाण पूर्व-निश्चित अवधि के लिए पहले से लिया गया संकल्प है; बाद में लिया गया वह पच्चक्खाण नहीं रहता। यदि एक समय निकल गया हो तो अगला उपलब्ध रहता है।
चौविहार और तिविहार में क्या अंतर है?
चौविहार में सूर्यास्त के बाद चारों प्रकार के आहार का त्याग होता है, जिसमें पानी भी सम्मिलित है। तिविहार में तीन का त्याग होता है और पानी की छूट रहती है। इस पृष्ठ पर चौविहार दिया गया है; कौन-सा उपयुक्त है, यह अपने गुरुजनों से पूछना चाहिए।