1प्रथम तीर्थंकर
भगवान ऋषभदेव
Rishabhdev
वृषभ
स्वर्ण
परिवार एवं संघ
- नाभिराय
- नागकुमार
- मरुदेवी
- सिद्ध
- अयोध्या
- इक्ष्वाकुवंश
- गोमुख
- चक्रेश्वरी
- 84
- न्यग्रोध (वट)
जीवन की तिथियाँ
- चैत्र कृ. 8
- उत्तराषाढा
- चैत्र कृ. 8
- 4000
- फाल्गुन कृ. 11
- 1000 वर्ष
चिह्न, शरीर और आयु
- वृषभ
- 500 धनुष
- 1 लाख पूर्व
- 84 लाख पूर्व
निर्वाण स्थल
अष्टापद
- माघ कृ. 13
- 10,000
स्तुति
ॐ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नमः ।
प्रणमूं प्रथम जिनन्द नैं जय जय जिन चंदा ।। वन्दु बेकर जोड़ नैं, जुग आदि जिनिन्दा । कर्म-रिपु-गज ऊपरै, मृगराज मुनिन्दा ।। १ ।।
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