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‹ चौबीस तीर्थंकर
2द्वितीय तीर्थंकर

भगवान अजितनाथ

Ajitnath

चिन्हहाथी
वर्णस्वर्ण

परिवार एवं संघ

पिता
जितशत्रु
पिता की गति
दूसरे देवलोक ईशान में
माता
विजया
माता की गति
सिद्ध
जन्म नगरी
अयोध्या
वंश
इक्ष्वाकुवंश
यक्ष
महायक्ष
यक्षिणी
अजिता
गणधर
95
चैत्य वृक्ष
सप्तपर्ण

जीवन की तिथियाँ

जन्म तिथि
माघ शु. 8
नक्षत्र
रोहिणी
दीक्षा तिथि
माघ शु. 9
दीक्षा साथी
1000
केवलज्ञान तिथि
पौष शु. 11
छद्मस्थ काल
बारह वर्ष

चिह्न, शरीर और आयु

लक्षण चिह्न
हाथी
शरीर मान
450 धनुष
साधक जीवन
1 लाख पूर्व 1 पुर्वांगकम
आयुमान
72 लाख पूर्व

निर्वाण स्थल

सम्मेद शिखर

निर्वाण तिथि
चैत्र शु. 5
निर्वाण साथी
1,000
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स्तुति

नाम-मंत्र

ॐ ह्रीं श्री अजितनाथाय नमः ।

अहो प्रभु ! तुम ही दायक शिवपंथ नां । अहो प्रभु ! अजित जिनेश्‍वर आपरो, ध्याऊं ध्यान हमेश हो । अहो प्रभु ! अशरण शरण तू ही सही, मेटण सकल कलेश हो ।। १ ।।

प्रभो ! अर्हत् अजित ! मैं प्रतिदिन तुम्हारा ध्यान करता हूं । तुम्हीं अशरण के शरण हो और तुम्हीं हो सब संक्लशों को दूर करने वाले ।

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स्रोत — कल्पसूत्र · त्रिषष्टिशलाकापुरुषचरित (श्वेतांबर परम्परा)