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सपना रे बैरी

जगत सपनै री माया रे बादळिये-री-सी छाया रे

Jagat Sapnai Ri Maya Re Badliye-Ri-Si Chhaya Re

आचार्यश्री तुलसी · सपना रे बैरी

Record no.2972

जगत सपनै री माया रे बादळिये-री-सी छाया रे — Lyrics

जगत सपनै री माया रे, बादळिये-री-सी छाया रे। ज्यूं पाणी रा बुलबुला, क्षण-क्षण बण-बण विललाय।।

उगै सो ही आथमै रे, फूलै सो कुम्हलाय। जो मिलसी बो बिछुड़सी रे, ओ नियती रो न्याय।।

खिण हंसणो खिण रोवणो रे, जग-स्वरूप रो सूत्र। आंख झांक शिशु समझियो रे, थावच्चा रो पुत्र।।

मुश्किल तांतो तोड़णो रे, संस्कारां रो सैण। ‘बाबोजी बकरी मरयां रै, रो-रो खोया नैण’।।

दुख में स्यूं सुख ढूंढलै रे, धार्मिकता रो चिह्न। और अधार्मिक री हुवै रे, भाव-भंगिमा भिन्न।।

है संयोग वियोग रो रे, अविनाभावी योग। ‘तुलसी’ आ दुविधा टलै रे, संजम रै संयोग।।

  1. 1.Jagat Sapne Ri Maya Re Baadliye Ri Si Chhaya Re
  2. 2.यह भजन हमें संसार की अस्थिरता और माया के बारे में सरल भाषा में समझाता है। इसमें बताया गया है कि दुनिया एक सपने जैसी है, जो पल-पल बदलती रहती है। जैसे पानी का बुलबुला जल्दी मिट जाता है, वैसे ही जीवन के सुख-दुख भी टिकते नहीं। जो पैदा होता है, वह नष्ट भी होता है और जो मिलता है, वह कभी न कभी बिछुड़ता है।

Roman Transliteration

jagat sapnai ri maya re, badliye-ri-si chhaya re. jyun pani ra bulbula, kshan-kshan ban-ban villay..

ugai so hi athamai re, phulai so kumhalay. jo milsi bo bichhudsi re, o niyti ro nyay..

khin hansno khin rovno re, jag-svarup ro sutra. ankh jhank shishu samjhiyo re, thavachcha ro putra..

mushkil tanto todno re, sanskaran ro sain. ‘baboji bakri maryan rai, ro-ro khoya nain’..

dukh men syun sukh dhundhlai re, dharmikta ro chihna. aur adharmik ri huvai re, bhav-bhangima bhinna..

hai sanyog viyog ro re, avinabhavi yog. ‘Tulsi’ a duvidha talai re, sanjam rai sanyog..

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