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पच्चक्खाण

पोरिसी

दिन के पहले प्रहर तक आहार का त्याग। 'पोरिसी' शब्द 'प्रहर' से बना है — दिनमान का चौथा भाग।

समय कैसे निकलता है

समय दिनमान पर निर्भर है, इसलिए यह प्रतिदिन बदलता है — घड़ी के किसी निश्चित समय पर नहीं।

उदाहरण — लाडनूं में 09:22 (8 सितंबर)।

समय की गणना सूर्योदय-सूर्यास्त से की गई है। यह प्रचलित श्वेताम्बर विधि पर आधारित है; अपने पंचांग अथवा गुरुजनों से पुष्टि कर लें।

मूल पाठ अभी यहाँ नहीं दिए गए हैं। वे प्रामाणिक तेरापंथ स्रोत से लिए जाने पर ही जोड़े जाएँगे।