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पच्चक्खाण

अवड्ढ

तीन प्रहर तक आहार का त्याग — दिन का तीन-चौथाई भाग बीत जाने तक।

समय कैसे निकलता है

अपराह्न का पच्चक्खाण; इसके बाद केवल चौविहार शेष रहता है।

उदाहरण — लाडनूं में 15:36 (10 सितंबर)।

समय की गणना सूर्योदय-सूर्यास्त से की गई है। यह प्रचलित श्वेताम्बर विधि पर आधारित है; अपने पंचांग अथवा गुरुजनों से पुष्टि कर लें।

मूल पाठ अभी यहाँ नहीं दिए गए हैं। वे प्रामाणिक तेरापंथ स्रोत से लिए जाने पर ही जोड़े जाएँगे।