चौविहार
सूर्यास्त के बाद चारों प्रकार के आहार का त्याग — अन्न, पानी, मेवा और मुखवास। रात्रि-भोजन-त्याग का मूल रूप।
समय कैसे निकलता है
सूर्यास्त से पूर्व भोजन पूर्ण कर लिया जाता है और अगले सूर्योदय तक कुछ ग्रहण नहीं किया जाता।
सूर्यास्त के बाद चारों प्रकार के आहार का त्याग — अन्न, पानी, मेवा और मुखवास। रात्रि-भोजन-त्याग का मूल रूप।
सूर्यास्त से पूर्व भोजन पूर्ण कर लिया जाता है और अगले सूर्योदय तक कुछ ग्रहण नहीं किया जाता।