14चतुर्दश तीर्थंकर
भगवान अनंतनाथ
Anantnath
श्येन
स्वर्ण
परिवार एवं संघ
- सिंहसेन
- सुयशा
- अयोध्या
- इक्ष्वाकुवंश
- पाताल
- अंकुशा
- 50
- अश्वत्थ (पीपल)
निर्वाण स्थल
सम्मेद शिखर
नक्शे पर देखें ↗स्तुति
ॐ ह्रीं श्री अनन्तनाथाय नमः ।
पायो पद जिनराज नौं सुध ध्यान निर्मल ध्याय भलां जी कांई ।। अनंत नाम-जिन चवदमां रे, द्रव्य चौथे गुणठाण । भावे जिन हुवै तेरमे रे, इतलै द्रव्य जिन जाण ।। १ ।।
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