6षष्ठ तीर्थंकर
भगवान पद्मप्रभ
Padmaprabh
कमल
रक्त
परिवार एवं संघ
- श्रीधर
- दूसरे देवलोक ईशान में
- सुसीमा
- सिद्ध
- कौशाम्बी
- इक्ष्वाकुवंश
- कुसुम
- श्यामा (अच्युता)
- 107
- छत्राभ (प्रियंगु)
जीवन की तिथियाँ
- कार्तिक कृ. 12
- चित्रा
- कार्तिक कृ. 13
- 1000
- चैत्र शु. 15
- 6 मास
चिह्न, शरीर और आयु
- पद्मकमल
- 250 धनुष
- 1 लाख पूर्व 16 पुर्वांगकम
- 30 लाख पूर्व
निर्वाण स्थल
सम्मेद शिखर
- मार्गशीर्ष कृ. 11
- 308
स्तुति
ॐ ह्रीं श्री पद्मप्रभाय नमः ।
पदम प्रभू नित समरियै । निर्लेप पदम जिसा प्रभू, प्रभु पदम पिछाण । संयम लीधो तिण समै, पाया चोथो नाण ।। १ ।।
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