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‹ चौबीस तीर्थंकर
7सप्तम तीर्थंकर

भगवान सुपार्श्वनाथ

Suparshvanath

चिन्हस्वस्तिक
वर्णस्वर्ण

परिवार एवं संघ

पिता
प्रतिष्ठ (सुप्रतिष्ठ)
माता
पृथ्वी
जन्म नगरी
वाराणसी
वंश
इक्ष्वाकुवंश
यक्ष
मातंग
यक्षिणी
शान्ता
गणधर
95
चैत्य वृक्ष
शिरीष

निर्वाण स्थल

सम्मेद शिखर

परंपरा के अनुसार यहीं सुपार्श्वनाथ ने निर्वाण प्राप्त किया।

नक्शे पर देखें ↗

स्तुति

नाम-मंत्र

ॐ ह्रीं श्री सुपार्श्वनाथाय नमः ।

भजियै नित्य स्वामी सुपास ए । सुपास सातमां जिणंद ए, ज्यांनै सेवै सुर नर वृंद ए । सेवक पूरण आश ए, भजियै नित्य स्वामी सुपास ए ।। १ ।।

सुपार्श्‍व प्रभु ! तुम सातवें तीर्थंकर हो । देव और मनुष्य तुम्हारी उपासना कर रहे हैं । तुम उपासकों की आशा पूरी करने वाले हो ।

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स्रोत — कल्पसूत्र · त्रिषष्टिशलाकापुरुषचरित (श्वेतांबर परम्परा)